Kabhi Ghuncha Kabhi Shola

by Jagjit Singh · · Indian Pop
Lyrics

Quick Answer — Kabhi Ghuncha Kabhi Shola Lyrics

कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह
Indian Pop 2012 English

Kabhi Ghuncha Kabhi Shola Full Lyrics

कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह मेरे महबूब, मेरे प्यार को इल्ज़ाम ना दे मेरे महबूब, मेरे प्यार को इल्ज़ाम ना दे हिज्र में ईद मनाई है मोहर्रम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह मैंने ख़ुशबू की तरह तुझ को किया है महसूस मैंने ख़ुशबू की तरह तुझ को किया है महसूस दिल ने छेड़ा है तेरी याद को शबनम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह कैसे हमदर्द हो तुम? कैसी मसीहाई है? कैसे हमदर्द हो तुम? कैसी मसीहाई है? दिल पे नश्तर भी लगाते हो तो मरहम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह

Frequently Asked Questions

When was "Kabhi Ghuncha Kabhi Shola" by Jagjit Singh released?

"Kabhi Ghuncha Kabhi Shola" by Jagjit Singh was released in 2012.

What genre is "Kabhi Ghuncha Kabhi Shola" by Jagjit Singh?

"Kabhi Ghuncha Kabhi Shola" by Jagjit Singh is a Indian Pop song.

What are the opening lyrics of "Kabhi Ghuncha Kabhi Shola"?

The opening lyrics are: "कभी ग़ुंचा, कभी शोला, कभी शबनम की तरह"